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प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा पर उठे सवाल

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र, केलिकुंज आश्रम में दो गुटों का दावा

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। पत्र में महाराज की सुरक्षा को देश हित में जरूरी बताया गया है।

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र केलिकुंज आश्रम में दो गुटों का दावा

Questions Raised Over Premanand Maharaj Security, Two Groups Claim Ashram |

मथुरा: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। पत्र में महाराज की सुरक्षा को देश हित में जरूरी बताया गया है। वहीं फलाहारी महाराज के एक बयान के बाद आश्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

केलिकुंज आश्रम में दो गुटों का दावा

पत्र में उल्लेख किया गया है कि केलिकुंज आश्रम में दो गुट बन गए हैं। एक गुट को असली तपस्वी संतों का और दूसरे को प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों का बताया गया है। आरोप है कि प्रॉपर्टी के धंधे में लिप्त कुछ लोगों से आहत होकर प्रेमानंद बाबा केलिकुंज छोड़कर बेलवन वाले आश्रम में चले गए हैं। उनके साथ सभी तपस्वी संत भी बेलवन आश्रम चले गए हैं।

आश्रम में आपराधिक लोगों के छिपे होने का आरोप

पत्र में दावा किया गया है कि केलिकुंज वाले गुट में कुछ आपराधिक किस्म के लोग छुपे हुए हैं, जिन्होंने महाराज की आड़ में 14 आश्रम बना लिए हैं। इसी गुट के कुछ लोगों की वजह से प्रेमानंद बाबा की जान को खतरा बताया गया है। पत्र लिखने वालों का कहना है कि यही लोग महाराज की छवि को धूमिल करने में भूमिका निभा रहे हैं।

बच्चों के गायब होने को लेकर गंभीर आरोप

सबसे गंभीर आरोप बच्चों के गायब होने को लेकर लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि केलिकुंज आश्रम गुट से बच्चे गायब हुए हैं और आशंका जताई गई है कि किडनी माफिया भी बच्चों को गायब कर सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या पुलिस शिकायत सार्वजनिक नहीं हुई है।

फलाहारी महाराज के बयान के बाद बढ़ी चर्चा

सूत्रों के अनुसार फलाहारी महाराज के बयान के बाद यह पूरा मामला और गरमा गया है। भक्तों में भी इसको लेकर चिंता है। पत्र में मांग की गई है कि प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रहे भूमाफिया वाले ग्रुप की जांच कराई जाए और महाराज को समुचित सुरक्षा प्रदान की जाए।

प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार

भक्तों का कहना है कि प्रेमानंद बाबा एक सरल संत हैं और लाखों लोग उनसे जुड़े हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन की ओर से अभी इस पत्र पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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